सिविल इंजीनियर (Civil Engineer) कैसे बनते है ? | Civil Engineer kaise bane-

सिविल इंजीनियर (Civil Engineer) कैसे बनते है ? Civil Engineer के लिये क्या योग्यता होती है ? Civil Engineer से हर सम्बन्धित जानकारी , इस article के लास्ट तक आप को प्राप्त हो जायेगी | 

स्कूल लाइफ के बाद के एक मोड़ ऐसा आता है जहां हमे अपने सपनो के लिये सोंचना पड़ता है | हमे अपने करियर को बनाने के लिये मेहनत करने पड़ती है |

 यदि हम किसी क्लास में स्टूडेंट से कहते है कि आप क्या बनना चाहते है | तो उस सम्पूर्ण क्लास के बच्चो में से कुछ बच्चो का जबाब जरुर होता है  इंजीनियर | और इस इंजीनियर में भी कुछ बच्चे, बड़े गर्व से बोलते है सिविल इंजीनियर (Civil Engineer ) |

यदि हम बच्चो से पूछते है कि Civil Engineer आप कैसे बनोगे ? तो उन्हें इस बात की जानकारी नहीं होती है | कि आखिर एक Civil Engineer बनते कैसे है ?

तो यह हमारा article उन पेरेंट्स व बच्चो के लिये है जो एक Civil Engineer के बनने तक का, जो पूरा प्रोसेस है | वो इस article माद्यम से आपको जानकारी हो जायेगी |

जिन मंजिलो के रास्ते पता लग जाते है , तो मंजिल भी उतनी आसान हो जाती है |

सिविल इंजीनियर (Civil Engineer) बनते कैसे है ?

सिविल इंजिनियर बनने के दो तरीके होते है | डिप्लोमा इंजीनियर जिन्हें जूनियर इंजीनियर (JE) बोला जाता है | दूसरा डिग्री इंजिनियर  |

Junior civil engineer kaise bane (जूनियर सिविल इंजिनियर कैसे बनते है ?) –

इंजीनियर बनने का क्रम 10th करने के बाद से शुरू हो जाता है | यदि आपने 10th पास कर ली है | तो आप भी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रवेश करने के लिये तैयार हो जाते है |

इंजीनियरिंग  की शुरुआत सीढीयां –

  • ITI (Industrial Training Institutes)
  • Polytechnic (Diploma in Engineering)
  • B.E / B.tech (Bachelor of Engineering)

ITI (Industrial Training Institutes) –

 इंजीनियरिंग की पहला कदम आईटीआई होती है | जिसमे स्टूडेंट इंजीनियरिंग की पहली सीढ़ी चढ़ता है | जिसमे इंजीनियरिंग की कई ट्रेड से ITI कर सकता है |

जिसकी अवधि 1 से 2 साल के बीच होती है | ITI पास करने के बाद आपको certificate प्राप्त हो जाता है और आप Technician बन जाते है |

Polytechnic (Diploma in Engineering) –

इंजीनियरिंग की दूसरी सीढ़ी होती है | डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग (पॉलिटेक्निक) | जो 10th  या 12th  के बाद कर सकते है | यह इंजीनियरिंग की हर ट्रेड से होती है | जिसकी अवधि 3 वर्ष होती है | यदि आप 2 वर्ष की ITI कर के आते है तो डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग में 2nd year में प्रवेश मिल जाता है | पॉलिटेक्निक करने के बाद आप जूनियर इंजीनियर बन जाते है | जबकी ITI करने के बाद आप Technician बनते है न की Engineer.

B.E / B.tech (Bachelor of Engineering) –

इंजीनियरिंग की तीसरी और आखरी सीढ़ी (Bachelor of Engineering) होती होती है | जो आप साइंस स्ट्रीम से 12th करने के बाद कर सकते है | आपको जिस क्षेत्र में रूचि है उस ट्रेड का चुनाव करके |

अपनी इंजीनियरिंग पूरी कर सकते है | जिसकी अवधि 4 वर्ष होती है | यदि आप पॉलिटेक्निक कर के आये है तो आपको lateral entry से 2nd year में प्रवेश मिल जाता है | जिसके बाद आपकी इंजीनियरिंग 3 वर्ष की हो जाती है |

जूनियर सिविल इंजीनियर की योग्यता –

  • साइंस स्ट्रीम से 10th होना अनिवार्य |
  • आप 10th के बाद 12th भी कर सकते है |
  • सिविल इंजीनियरिंग से 3 वर्ष का पॉलिटेक्निक कोर्स | 

सिविल इंजीनियर की योग्यता –

  • साइंस स्ट्रीम से 12th अनिवार्य
  •  साइंस स्ट्रीम (मैथ्स , फिजिक्स और केमिस्ट्री) में 60% होना अनिवार्य | जिससे आप एंट्रेंस एग्जाम के लिये फॉर्म भर सकते है |
  • सिविल इंजीनियरिंग से 4 वर्ष की इंजीनियरिंग डिग्री पूर्ण करने पर |

सिविल इंजीनियर (Civil Engineer) बनने के लिये कोर्स –

यदि आपको 10th के बाद सिविल इंजिनियर बनना चाहते है तो आप पॉलिटेक्निक सिविल इंजीनियरिंग से 3 वर्ष का कोर्स कर सकते है | जिसको पूरा करने बाद आप जूनियर सिविल इंजीनियर बन जाते है |

10+2 के बाद B.tech में अच्छे कॉलेज में प्रवेश के लिये, AIEEE (All India Engineering Entrance Examination) या IIT (Indian Institutes of Technology) के बेहतर इंजीनियरिंग कॉलेज मिलते है | जिसके लिये आपको कड़ी मेहनत करने पड़ती है | जो हर वर्ष लाखो बच्चे एंट्रेंस एग्जाम देते है |

आप स्टेट लेवल के इंजीनियरिंग कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग से अपनी इंजीनियरिंग कर के , एक प्रोफेशनल सिविल इंजिनियर बन जाते है |

यदि आप सिविल इंजीनियरिंग में मास्टरी करना चाहते है तो आप सिविल इंजीनियरिंग से ही M.tech (Master of technology) कोर्स को कर सकते है | जिससे करने के बाद आपका भविष्य और अधिक उज्जवल बन जायेगा |

Top 10 IIT College in india सिविल इंजीनियर (Civil Engineer)-

  • IIT Madras
  • IIT Delhi
  • IIT Bombay
  • IIT Kanpur
  • IIT Khargpur
  • IIT Roorkee
  • IIT Guwahati
  • IIT Hyderabad
  • IIT Indore
  • IIT (BHU) Varanasi   

Civil engineer ka kya kaam hota hai (सिविल इंजीनियर (Civil Engineer) करते क्या है ?) –

एक सिविल इंजिनियर का कार्य बहुत ही जिम्मेदारी व महत्वपूर्ण होता है |  यदि बहुत ही सरल शब्दों में समझाऊ तो एक सिविल इंजिनियर वह व्यक्ति है जो किसी भवन का निर्माण और डिजायन की रूपरेखा तैयार करता है |

मुख्य रूप से सिविल इंजीनियर का कार्य भवन निर्माण , डेम निर्माण, सड़क , रेलवे स्टेशन, हवाईअड्डे , सरकारी ईमारत व अन्य बड़े ब्रिज एक सिविल इंजीनियर के देख रेख में ही पूर्ण होते है |

Civil engineer ki sarely kitni hoti hai ( सिविल इंजीनियर को कितने रुपय मिलते है ?) –

 सिविल इंजीनियरिंग करने के बाद आप प्राइवेट व सरकारी दोनों ही सेक्टर में अपना उज्वल भविष्य बना सकते है | एक सिविल इंजीनियर (Civil Engineer) की sarely उसके अनुभव पर बढ़ती है |

प्राइवेट सेक्टर-

प्राइवेट सेक्टर में भी सिविल इंजीनियर का एक अच्छा भविष्य है | प्राइवेट सिविल इंजीनियर से कई लोग अपना घर तैयार करवाते है | और जैसे जैसे एक सिविल इंजीनियर का अनुभव हो जाता है | जिसमे वो बड़े बड़े बिल्डर्स से प्रोजेक्ट लेते है | जिन प्रोजेक्ट को कम्पलीट करने के लिये एक सिविल इंजिनियर मोटी रकम लेते है |

यदि आप और अधिक बड़ा करना चाहते है तो आप प्राइवेट सेक्टर में ही अपनी खुद की कम्पनी भी खोल सकते है | जो अधिक्टर लोग रियल स्टेट के नाम से जानते है |

गवर्नमेंट सेक्टर-

गवर्नमेंट सेक्टर में हर विभाग में सिविल इंजिनियर के पद निकलते रहते है | जिसके लिये आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ती है | गवर्नमेंट सेक्टर में एक सिविल इंजीनियर की शुरुआत sarely लघभग 30-40  हज़ार से होती है | जो अनुभव के बाद लाखो तक पहुच जाती है |  

यह भी पढ़े :

Civil engineer ke fayde ( सिविल इंजिनियर के क्या लाभ है ?) –

अधिकतर स्टूडेंट इस कारण सिविल इंजीनियर बनना चाहते है | या तो उनके घर में कोई सिविल इंजीनियर है या उन्होंने इस सिविल इंजीनियर का रुतबा देखा या सुना है |  

यदि हम इसे दूसरे रूप में देखे तो सिविल इंजीनियरिंग करने के कुछ अन्य और फायदे है | जैसे सिविल इंजीनियरिंग करने के बाद यदि आप गवर्नमेंट सेक्टर में नहीं जा पा रहे है | तो आप अपना प्राइवेट काम शुरू करके भी अपना भविष्य बना सकते है |

आप अपनी छोटे स्थर से कम्पनी की शुरुआत कर सकते है | जिसमे अपने ही शहर के कई लोग ऐसे होते है जो अपना भवन एक सिविल इंजीनियर की देख रेख में बनवाना चाहता है | जिसके लिये आप एक अच्छी पेमेंट ले सकते है |   

Conclusion –

हम उम्मीद करते है आपको यह article सिविल इंजीनियर (Civil Engineer) कैसे बनते है ? जरुर पसंद आया होगा | हर क्षेत्र की जनकारी के लिये हमारी वेबसाइट को पढ़ते रहे | आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद |

सफलता का मन्त्र :

  • अपने लक्ष्य की सम्पूर्ण जानकारी का होना |
  • हमेशा अपने लक्ष्य को पाने के लिये कड़ी मेहनत करते रहे |
  • सबसे जरुरी बात , खुद अपनी क़ाबलियत पर विश्वास रखे |
  • कभी भी निराश न हो |
  • अगर आप गलतियाँ कर रहे है , तो निराश बिल्कुल न हो , वल्कि ख़ुशी मनाये की आप कुछ नया जरुर सीख रहे है |
  • जो व्यक्ति कहता है , उसने अपने जीवन में कुछ गलतियाँ नहीं की , यकीन माने उसने अपने जीवन में कुछ नया नहीं सीखा |

चिंता व परेशान न हो यदि आप अपने करियर सम्बन्धित किसी भी समस्या से जुंझ रहे है | तो नीचे दिये कमेंट बॉक्स में हमे बताये |

हमेशा ध्यान रखे , उचित मार्गदर्शन से ही असंभव को संभव किया जा सकता है | हमसे अपनी समस्या व उलझने साँझा करे | हम हर संभव मदद आपकी करेंगे |

आपके उज्जवल भविष्य के लिये हमारी टीम Everythingpro.in की तरफ से बहुत बहुत शुभकामनाएँ….

Please share your friends

2 thoughts on “सिविल इंजीनियर (Civil Engineer) कैसे बनते है ?”

Leave a Comment

error: Content is protected !!
डीप ब्लाउज में कीर्ति ने बिखेरे जलवे Do You Know Palak Tiwari ओटीटी स्टार श्रेया धनवन्ट्री ने फेंस की सांसे करी तेज फातिमा सना शैख़ की बोल्ड अदा से फेंस की तेज करी धड़कने