* औली (Auli) *

जिन लोगो ने कभी स्कीइंग करने या सिखने का अरमान संजो रखा हो , उनके लिये बहुत ही सुंदर व अच्छी जगह है औली , जो ऋषिकेश के पास स्थित है |देश में गुलमर्ग (कश्मीर) और नारकंडा (हिमाचलप्रदेश) के बाद  स्कीइंग का नवीनतम तथा विकसित केंद्र औली (Auli) है |

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जहां लोग स्कीइंग करने का अपना अरमान पूरा कर सकते है | औली उत्तराखण्ड का पहला , भारत का सबसे नया और एशिया का अत्यंत सुंदर स्कीइंग सेंटर है |

औली में स्कीइंग ड्राइविंग का आनंद उठाते लोग

बद्रीनाथ घाम के निकट नंदा देवी राष्ट्रीय उघान की गोद में मखमली घास वाले मैदान तथा घने जंगल से घिरे इस क्षेत्र के आसपास बड़ी-बड़ी ढलाने है जो स्कीइंग ड्राइविंग के लिये अनुकूल है |

बरसात के मौसम में , प्राचीनकाल की तरह अभी भी, यहाँ हर तरफ घास उग जाती है | साथ ही 50 किस्म के फूल भी खिल आते है , जिन्हें देखना और देखते रहना बहुत सुखद लगता है | 

बर्फ की चादर से ढका औली का खुबसूरत द्रश्य

यह ढलाने दिसम्बर के मध्य से मार्च के मध्य तक सफेद कालीन जैसी बर्फ की मोटी परतो से ढकी रहती है | तब स्कीइंग करनेवाले के समूह के कारण यहा का नजारा बहुत ही मोहक दीखता है |

औली (Auli) जाने का बेहतर समय-

हालांकि गर्मी के दिनों में भी औली में काफी आनंद आता है और बरसात के मौसम में अनगिनत प्रकार के फूलो को देखने के लिये भी यहा कई लोग आते है |

परन्तु इस जगह की विशेषता और महत्व को देखते  हुए यहा दिसम्बर के मध्य से  मार्च के मध्य तक जाना ठीक रहता है |

औली (Auli) में देखने के लिये प्रमुख स्थल-

खुबसूरत औली के पर्वत

छत्राकुंड-

औली से 4 किलोमीटर दूर जंगल के मध्य में स्थित इस स्थान पर साफ और मीठे पानी का एक छोटा सा सरोवर है | हालाँकि यहा विशेष कुछ नहीं है , फिर भी यहां का शांत माहोल और सुहाना दृश्य तन-मन को ताजगी प्रदान करता है |

तपोवन-

जोशीमठ-निति मार्ग पर स्थित ‘तपोवन’ नामक स्थान पर काफी संख्या में पर्यटक आते  रहते है | यहां का मुख्य आकर्षण गर्म जल के प्राकृतिक स्रोतों का समूह है | यहां के ठंडेपन में इस गर्म जल से स्नान करने का आनंद उठाना पर्यटक नहीं भूलते |

सेलधार –  

तपोवन से 3 किलोमीटर आगे इस स्थान पर गर्म जल के प्राक्रतिक फब्बारे है | यह जल इतना गर्म रहता है कि इससे चाय बनाई जा सकती है | यह  फब्बारे देखने में अत्यंत सुंदर लगते है |

जोशीमठ –  

औली से 12 किलोमीटर दूर यह जगह थोड़ी नीचे स्थित है | यहां के बारे में यह कहा जाता है कि शंकराचार्य ने यही पर दिव्य ज्योति का दर्शन किया था |

यही ज्योतिमर्थ अपभ्रंश के कारण कलान्टर में जोशीमठ हो गया और यह पूरा क्षेत्र जोशीमठ कहा जाने लगा |

प्राकतिक सुषमा ,एतिहासिक संस्कृतियों और पर्यटन की द्रष्टि से अपना महत्व रखने वाला यह स्थान बद्रीनाथ का प्रवेश द्वार भी है | 

फूलो की घाटी का भी प्रवेश द्वार होने के कारण यह बेहद बहुत सुंदर प्रतीक होता है | तरह तरह के कई प्रकार के फलो के पेड़ यहा के खुशनुमा माहोल में बढोतरी करते है |

औली (Auli) पहुचने के साधन-

औली पहुचने के लिये आपको ऋषिकेश रेलवे स्टेशन जाना होता है | यहा से सडक मार्ग द्वारा औली पहुचा जा सकता है |  

दिल्ली से ऋषिकेश के लिये हर रोज कई ट्रेन जाती है | जैसे- देहरादून एक्सप्रेस , मसूरी एक्सप्रेस आदि |

औली (Auli) से कुछ प्रमुख नगरो से दूरी –

  • श्रीनगर – 147 किलोमीटर
  • ऋषिकेश – 252 किलोमीटर
  • हरिद्वार – 277 किलोमीटर
  • देहरादून – 295 किलोमीटर
  • दिल्ली – 500 किलोमीटर

 औली (Auli) में ठहेरने के लिये होटल-

औली में एक खुबसूरत मनमोहक द्रश्य

यहाँ पर्यटकों के रहने के लिये गढ़वाल मंडल विकास निगम द्वारा लघभग दो दर्जन सुंदर सुंदर झोपड़िया (हट्स) बनाई गयी है | जिनमे से कुछ फाइबर ग्लास के है | सामान्य हट्स तो हनीमून मनानेवाले युगलों या अन्य युवा युवतियों को अति प्रिय है |

रात में केम्प का आनंद का एक द्रश्य

इस स्थान पर कमरों के अलावा डोरमेट्री भी उपलब्ध है – कम राशी पर | यहां पर कई केंटीन व अच्छे सुंदर रेस्तरां भी है |  कई हनीमून मनाने वाले युवा-युवती यहा केम्प लगा कर भी आनंद उठाते है | जो जीवन में अलग ही अनुभव व सुखद ऐसास दिलाता है |

यहां भी घुमने जाये –

यात्रा को सुखद , सुंदर व यादगार बनाने के लिये कुछ बातो को घ्यान में अवश्य रखना चहिये –

  • अपने परिवार के साथ मिलकर सभी के साथ यह विचार कर ले कि यात्रा कहा जाना है ? यदि आपकी ज़ेब अनुमति दे , तो कम से कम 1000 किलोमीटर की दूरी तय करे | यदि आप ट्रेन से सफर करते है | तो इस दूरी से को पूरा करने में 14 से 18 घंटे लग जाते है | जो कि आपको अपने परिवार के साथ इस समय को बिताने का अवसर मिलता है | इन लम्हों का अनुभव व आनंद ही कुछ अलग होता है | साथ ही कुछ घर लाये हुए खाने की चीजो का स्वाद और भी अधिक बढ़ जाता है | साथ ही हर स्टेशन से कुछ न कुछ खाने की चीजे व सुबह के वक़्त स्टेशन की गर्म कुल्लड वाली चाय व पकोड़े सफर को और भी अधिक सुहाना बना देता है |
  • आपको अपनी ट्रेन का रिजर्वेशन पहले से ही करा देना है ताकि आपके पूरे परिवार का रिजर्वेशन कंफ़र्म हो जाये | जिससे आपके सफर में कोई भी बांधा न आ सके |
  • अपनी इच्छा की यात्रा का चुनाव का ध्यान रखकर पहले बजट बना ले | साथ ही अपना एटीएम कार्ड साथ रख ले व ध्यान रखे सफर के दोरान अधिक पैसे साथ न रखे |
  • यात्रा पर रवाना होने के दो दिन पहले से ही यात्रा पर साथ ले जाने वाली सभी चीजो की सूची बना ले | जैसे- एटीएम कार्ड , मोबाइल चार्जर , कपडे , खाने की चीजे | ऐसे करने से साथ ले जाने वाली चीज नहीं छूटेंगी |
  • यात्रा के दोरान हल्के और आरामदायक कपड़े ही ले जाना चहिये | वो भी आवश्यकता अनुसार, अधिक नहीं |

हम उम्मीद करते है यह सफर आपको बहुत पसंद आया होगा | यदि आप इस जगह जा चुके है या फिर जाने का प्लान कर रहे है तो नीचे दिये कमेंट बॉक्स में जरुर बताये |

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हर नये सफर के लिये , हमारे article को पढ़ते रहे | आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद |

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