मैं आखिर अपने गोल्स को पेपर पर क्यों लिखता हूँ ?

इस article के माध्यम से हम आप सभी से बताने की कोशिश करेंगे कि आखिर क्या होता है पेपर में लिखने से यह सही है या गलत | आखिर अपने गोल्स या आप अपनी जिंदगी में किस जगह अपने आप को देखना चाहते है |

उन सब चीजो को एक पेपर पर लिखना ज्यादा ठीक रहता है या अपने दिमाग में याद रखना | हम आज इसी टॉपिक पर बात करते है | मुझे लगा जो में करता हूँ वो आप सभी से शेयर करना चहिये | आप सभी का एक बार फिर Everythingpro.in के My Thinking में स्वागत है |

हम अपने सपनो को कैसे बार बार अपने आप से मिलवाये-

हम जहा तक जानते है लोग अपने गोल्स को 2 तरह से याद रखते है-

1-अपने दिमाग में याद रखकर

2-अपने गोल्स को पेपर में लिख कर

अपने दिमाग में याद रखकर-

मेरी इस टॉपिक पर रिसर्च करने पर मुझे यह मालूम चला कि जो व्यक्ति अपनी इच्छाओ को या अपने गोल्स को अपने दिमाग में रखते है | जैसे मुझे यह एग्जाम को पास करना है | या मुझे एक जॉब पानी है | जब भी हम अपने सपने के बारे में सोंचते है तो हमारा राइट ब्रेन एक्टिव हो जाता है |

हम अपने गोल्स को सिर्फ अपने दिमाग के एक भाग का ही उपयोग करते है | और हम अपनी इच्छाओ को तभी पूरा कर पाएंगे यानि हमारा दिमाग फुल एनर्जी हमे दे | यानि हमारे दिमाग के दोनों भाग काम करे | हमारे राइट व लेफ्ट हेंड दोनों एक साथ काम करेगा | तभी हम अपने गोल्स को पा सकते है |

हमने अपने गोल्स को अपने दिमाग में रखा तो हमारे दिमाग का सिर्फ एक भाग ही काम करता है यानि राइट ब्रेन |

One think the change life in Hindi ( E-book )

अगर आप अपने जीवन में सफल व बहुत पैसे कमाना चाहते है | तो यह E-book आपकी पूरी जिन्दगी बदल सकती है | आपने अक्सर सुना होगा कि एक सफल व्यक्ति बुक्स जरुर पढ़ता है | क्योकि बुक्स हमे ऐसी सीख देती है जो अनमोल होती है | इस E- Book में ऐसे सीक्रेट बिज़नस की सम्पूर्ण जानकारी दी गयी है | जो बेहद ही कम लोगो को जानकारी है |

बहुत कम निवेश में सिर्फ 5 से 10 रुपय के निवेश में आपको कुछ ही महीने में 50 से 90 हज़ार तक कमा के दे सकता है | इस ई –बुक ने कई लोग की जिंदगी बदली है | और आगे भी बदलेगी | इस ई-बुक से खुद हम लाखो रुपय कमा रहे है | दोस्तों 199./- रुपय बेहद ही छोटी रकम होती है जो अक्सर लोग खाने पीने में खर्च कर देते है |

पर यह 199./- रुपय की छोटी सी रकम आपके पूरी जिंदगी को बदल सकती है | साथ ही इस ई – बुक को खरीदने वाले लोगो को एक अवसर प्राप्त होगा | जिसमे वो जीरो इन्वेस्टमेंट के साथ घर से लाखो रुपय कमा सकते है |

आज यह 199./- रुपय आपके आने वाले भविष्य या सफलता पर निर्भर करता है | आप स्टूडेंट्स, हाउसवाइफ, किसी भी उम्र का व्यक्ति हो | चाहे वो जॉब या कोई बिज़नस भी करता हो | उसके बाद भी आप इस ई – बुक में बताये गयी बातो से अपना जीवन को नये शिखर पर लाया जा सकता है |

इस 199./- रुपय रकम से अधिक फोन के रिचार्ज हो जाते है | पर बहुत कम लोग अपने जीवन को बदलने के लिए इन्वेस्ट करते है | यह 199./- रुपय कि इन्वेस्टमेंट आपको जिंदगी भर लाखो रुपय रिटर्न कर के दे सकती है |

आज निर्भर आप पर करता है इस छोटी रकम से अपने जीवन को परिवर्तित करना चाहते है या जिस तरह जीवन वितीत कर रहे है वेसा ही करना चाहते है | अपने आप से एक बात अवश्य पूछे जो काम आज आप कर रहे है क्या उस काम से आपके सभी सपने पूरे हो सकते है यदि जबाब आये हाँ तो आपको इस ई – बुक खरीदने की आवश्यकता नहीं है और यदि जबाब आये नहीं तो आप को पता है क्या करना है ?

 हमारी एक्सपर्ट व बिज़नस एडवाइजर ने ऐसे बिज़नस के बारे में बताया गया है जिन्होंने ई – बुक का मूल्य 999./- रुपय रखा गया | पर स्टूडेंट्स को ध्यान में रखते हुए यह 999./- रुपय एक स्टूडेंट व निम्न स्थर के व्यक्ति के लिये बेहद ही अधिक हो सकते थे |

इसलिए हमारी टीम ने सिर्फ़ 199./- रुपय रखा जिससे हर स्टूडेंट्स अपनी मंजिलो के रास्ते को देख सके व जीवन में बेहद ही सफल हो सके | ई-बुक अभी 50% डिस्काउंट में मिल रही है |

यानी अभी आप इस ई –बुक को खरीदते है तो सिर्फ 99./- रुपय में यह ई –बुक आपको प्राप्त हो जायेगी | जरा विचार करे यह 99./- रुपय कितनी छोटी रकम है जो आपको महीने के लाखो रुपय के रिटर्न के रूप में देगी | Amazon पर सर्च कर के  या नीचे दिये Buy Now E-Book से ई – बुक खरीदे |

Buy Now E-Book

अपने गोल्स को पेपर में लिख कर-

अब बात कर लेते है अपने गोल्स को पेपर पर लिखने से क्या होता है | जो में हमेशा करता हूँ | हमने यह देखा कि जब हम अपने दिमाग में जब अपने गोल्स को रखते है, उसके बारे में सोंचते है , मन में रखते है तो हमारे दिमाग का एक ही भाग एक्टिव होता है | पर जब हम अपने गोल्स को पेपर पर लिखते है तो हमारा लॉजिकल ब्रेन एक्टिव हो जाता है यानि लेफ्ट ब्रेन |

मतलब दिमाग का दूसरा भाग भी एक्टिव हो जाता है | क्योकि जब भी हम अपने गोल्स को एक पेपर पर लिखते है तो हमारे दिमाग में एक सिग्नल जाता है कि यह बहुत ही serious चीज है  तब ही हम उस चीज को एक पेपर में लिख रहे है |

जब हम अपनी इच्छाओ को सोंचते हुए लिख रहे है | तो हमारा सोंचने पर राइट ब्रेन एक्टिव हुआ और जब हम लिख रहे है तो हमारा लेफ्ट ब्रेन भी एक्टिव हो जाता है | और सिंपल सी बात है जब हमारे दोनों ब्रेन एक साथ काम करेंगे तो हमे वो उर्जा व वो शक्ति मिलती है जो सामन्य लोगो को नहीं मिलती | क्योकि वो सिर्फ सोंचते है और उस वक़्त सिर्फ दिमाग का एक ही भाग काम करता है |

यह भी पढ़े :

आखिर क्यों लिखना चाहिये अपने गोल्स को-

हम जब भी अपने दिमाग में अपने गोल्स को रखते है तो हमारे जीवन में सारी चीजे जो भी हर रोज हम करते है या हम करना चाहते है वो सब कुछ हमारा दिमाग ही ऑपरेट करता है | जिस वजह से कही न कही हम अपने गोल्स को अधिक ध्यान में नहीं रख पाते है | और कुछ दिनों बाद धीरे धीरे वो सभी गोल्स हमारे दिमाग से गयाब होने लगते है |

यदि हम अपने गोल्स को एक पेपर पर लिखते और उस पेपर को या नोट बुक्स को अपने पास रखते है तो वो पेपर हमे हर रोज हर पल याद दिलाता रहता है कि आखिर में हमारे गोल्स क्या है | और जब हम उस पेपर पर लिखे अपने गोल्स को देख कर, हमारे दिमाग को सिग्नल मिल जाता है और हमारा दिमाग एक्टिव हो जाता है और काम करने लगता है |

हमारे गोल्स दो टाइप के होते है-

1-Short Term Goals

2- Long Term Goals  

Short Term Goals-

short term गोल्स में हमे जैसे कुछ महीनो में पाने हो जैसे हमे अपने एग्जाम को पास करना है | क्लास में top करना है | या इस महीने हमे यह यह काम करने है | या अगले कुछ  6 महीने तक हमे यह अपने सभी गोल्स complete करने है | यह होते है short term गोल्स |

Long Term Goals –

 Long Term Goals में हम आने वाले कुछ 4-5 सालो में हम क्या achieve करना चाहते है | हम एक अच्छी सी जॉब पाना हमारा गोल्स है | या हमारा एक बड़ा सा business करना गोल्स है | या हम एक बड़ा अफ़सर बनना हमारा गोल्स है | यह सब होते long term गोल्स |

हमने इस article से क्या सीखा –

हमने आज आपको एक छोटा सा प्रयास किया है कि जो में करता हूँ वो आप सभी के साथ शेयर कर सके | ताकि आप भी अपने गोल्स को पाने के लिए जागरूक हो | इस article में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे पास गोल्स होने चाहिए |

जब हमारे पास गोल्स ही नहीं होंगे तो हम उसको पेपर पर केसे लिखेगे | और जब हमारे पास गोल्स न हो तो हमारा दिमाग भी उस पर काम नहीं करता | और हम एक सामन्य जीवन जीते है जैसे पूरी दुनिया जैसे भेड़ चाल में चलते जाते हैं |

और एक बात कभी भी अपने गोल्स दूसरो को तब तक नहीं बताना जब तक आप अपने गोल्स को हासिल न कर लो |

हम उम्मीद करते है यह article भी कुछ नया सिखने को मिला होंगा | अपना प्यार व विश्वास बनाये रखे | ऐसे ही मोटीवेट व interested article पढने के लिए नीचे दिए bell icon को प्रेस करे | जिससे हर article आप तक पहुचे | आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद |  

Please share your friends

1 thought on “मैं आखिर अपने गोल्स को पेपर पर क्यों लिखता हूँ ?”

Leave a Comment

वास्तिविक में भी है बेहद बोल्ड है ओटीटी प्लेटफार्म एक्ट्रेस स्नेहा पॉल हेरान कर देने वाले चेहरे के लिए आलू के फायदे 48 साल की हो जाने पर भी मात देती है नई एक्ट्रेस को तरबूज के 7 फायदे जो हर किसी को मालूम होना चाहिए