मैकेनिकल इंजिनियर मल्टीनेशनल कम्पनी छोड़ कर खेती से कमा रहे है 70 लाख रूपए से अधिक-

यह उन लोगो के लिये प्रेणना है जो कहते है खेती में मुनाफा नहीं | आज हम अपने article के माध्यम से जिन शक्स के बारे में बता रहे है | उनकी कहानी भी बहुत ही उत्साहित व रोचक है | जो खेती करने वाले किसान व नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी |

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परिचेय एक इंजिनियर का –                      

हम बात कर रहे है | मैकेनिकल इंजिनियर नंदन महतो के बारे में | नंदन महतो बिहार के सीतामढ़ी जिले के रोधी गाँव के रहने वाले है | नंदन की बचपन की पढाई से लेकर 12th तक सीतामढ़ी से ही की | उनके पिता रेलवे में कर्मचारी है | नंदन ने मुंबई के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढाई पूरी करी है |

नंदन ने अपनी मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढाई पूरी करने के बाद उन्हें मल्टीनेशनल  कम्पनी में जॉब मिल गयी | 3 साल मल्टीनेशनल  कम्पनी में जॉब करी | इसके बाद वो अपने घर रोधी गाँव में रहने आ गये |

इंजिनियर से किसान बनने का सफर-

नंदन कुछ अलग करना चाहते थे | कुछ दिन घर रहने के बाद वो अपने साथ पढ़े मित्र प्रदीप आप्टे से मिलने मुंबई वापिस चले गये | प्रदीप आप्टे ने इजरायल में जैविक खेती का प्रशिक्षण लेकर आये थे |  जिसके बारे में उन्होंने नंदन को बताया | जहा नंदन ने एक माह से अधिक कुछ समय में उन्होंने मचान विधि का हुनर सीखा | और यही से शुरू हुआ एक इंजिनियर के किसान बनने का सफर |

खेती की शुरुआत-

नंदन ने आज अपनी पहचान एक किसान के रूप में कर ली है | और वो आज 32 एकड़ जमीन में मचान विधि से सब्जी कर के सालाना मुनाफा 70 लाख से अधिक कर रहे है व साथ साथ कई किसान को रोजगार दे रहे है |

नंदन के मुताबिक सब्जी पैदा करने से लेकर बेचने तक उनके अच्छे खासे रूपए खर्च हो जाते है | नंदन ने अपनी खेती 20 एकड़ खेती में सब्जी की जब उन्हें वहा सफलता मिली इसके अलावा उन्होंने 12 एकड़ जमीन लीज पर ली है जिसका सालाना खर्च 6 लाख रूपए आता है |

इसके बाद 36 लाख रूपए खेत की निराई, गुड़ाई की मजदूरी , सब्जी तोड़ने में खर्च हो जाता है | कुछ लाख रूपए बीज व कीटनाशक पर रुपय खर्च होता है | जिसके बाद भी वो महीने का 6 से 7 लाख रूपए कमा रहे है | और सालाना 70 लाख रूपए से अधिक |

इस काम में नंदन कई किसान को रोजगार भी दे रहे है | व उनकी पत्नी आनंदी देवी भी साथ दे रही है | नंदन सब्जी में करेला, परवल, खीरा, बैगन, मिर्च, टमाटर, आलू, गोभी लघभग सबी प्रकार की सब्जी करते है | और सब्जी की सप्लाई नंदन आसपास के जिलो में ही नहीं वल्कि पडोसी राज्यों में भी करते है | और सालाना 70 लाख से भी अधिक मुनाफे का कमाते है |

क्या होती है यह मचान विधि-

इस मचान विधि में एक ही स्थान पर कई सब्जिओ की पैदावार हो जाती है | इस वजह से यह कम जगह पर अधिक प्रकार की सब्जियों को पैदा कर के अधिक मुनाफा देती है | मचान विधि में खेत में लकड़ी और बांस के मचान ( स्ट्रक्चर) बनाकर उस पर लोकी, तोराई, करेला, खीरा, परवल की लता इस पर चढाई जाती है |

वही जमीन के अंदर पैदा होने वाली सब्जी जैसे आलू, मुली, चुकंदर, शलजम आदि जमीन के अंदर और सतह पर होने वाली सब्जी गोभी, टमाटर, भिन्डी, मिर्च, आदि उसी जगह पर की जाती है | मतलब तीनो तरह से पैदावार होने वाली सब्जी एक ही जगह पर हो जाती है | इस तरह से पैदावार होने वाली सब्जी को मचान विधि कहते है |  

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