किसान की बेटी ने सुनी सब की पर करी सिर्फ अपने दिल की-

जब हम छोटे होते है | तब समाज व रिश्तेदार हम से कह कर, हम पर दबाब डाल देता है | इसे तो कलेक्टर या मजिस्ट्रेट ही बनना है | आज जो यह स्टोरी है यह भी बहुत मोटीवेट स्टोरी है | यह एक ऐसे किसान की बेटी की कहानी है |

जिसे शुरू से ही उस किसान की बेटी को एक बेचारी नजर से देखा गया | समाज, रिश्तेदार सभी एक बेचारी नजरो से देखा जाता | जो किसान की बेटी को यह बेचारा शब्द अपने लिए नहीं सुना जाता | और इस शब्द को वो अपनी लाइफ से हटाना चाहती थी |

यह बेचारा शब्द इस लिये | समाज इन नजरो से देखा करता क्योकि हर किसी इन्सान की तरह , इस किसान कि बेटी पर दस उंगलिया नहीं थी |

आप सभी का एक बार फिर everythingpro.in में success story in hindi में स्वागत है | शुरू करते है एक और मोटीवेट कहानी जो आपको मजबूर करेगी सोचने पर-

समाज ने नाम दिया बेचारी लड़की-

हम बात कर रहे है एक मामूली किसान की बेटी जिनका नाम किरन नागर (kiran nagar) है | किरन नागर राजस्थान के छोटे से गाँव की किसान के परिवार से है | किरन जब से इनका जन्म हुआ तब से वो समाज के नजरो में बेचारी टाइप की लड़की बन गयी थी | और हर किसी को इस बेचारे नजर से देखना व किरन को तकलीफ देता था |

वो चाहती थी की यह समाज में जेसी हु | उस तरह से मुझे अपनाये, पर यह बेचारी नजरो से न देखे | जब किरन का जन्म हुआ तो हर किसी की तरह उनके हाथो में दस उंगलिया नहीं थी | उनके लेफ्ट हेंड में सिर्फ अंगूठा है  वाकी की उंगलिया नहीं है |

इस वजह से उन्हें समाज रिश्तेदार से प्यार तो बहुत करते पर एक बेचारी नजर से देखा करते | किरन नागर को अपनी जिंदगी से इस बेचारे शब्द को  हटना था | क्योकि किरन का परिवार रिश्तेदार अधिक पढ़े लिखे नहीं थे | पर किरन के माता-पिता  ने एक सपना देखा कि वो अपनी बच्ची को बहुत अधिक पढ़ने देंगे |

उनके माता-पिता ने सोचा की हम अपनी बच्ची को इतना पढ़ा-लिखा देंगे ताकि यह एक अच्छी पोस्ट पर जा कर अच्छे पैसे कमा कर | अपने हाथ का खुद ऑपरेशन करा के समाज ताकि इसे और लडकी की तरह ही देखे |

एक माँ-पिता ने अपनी फूल सी कली को किया समाज की नजरो से दूर-

किरन के माँ-पिता ने सोचा की गाँव में पढाई का इतना खास माहोल नहीं है | इस लिए उन्होंने अपनी फूल सी बच्ची को अपने रिश्तेदार के यहा महज 3 साल की उम्र में अपने से अलग कर दिया | इस वजह से किरन में  छोटे से ही एक समझदारी आना शुरू हो गयी थी |

जितना माँ-पिता के लिए सब मुश्किल था उतना ही किरन के लिये | कही न कही किरन का बचपन छुट गया था | किरन को इस समाज की नजरो से वो बेचारी शब्द को हमेशा हमेशा के लिए हटाना था |

आया एक नया मोड़-

किरन ने अपनी 10वी पास कर ली थी | उसके बाद उन्हें एक नई राह चुन्नी थी | पर समाज ने फिर अपनी अपनी राय देना शुरू कर दी | कि तुम पढाई में अच्छी हो साइंस लेनी चाहिए | पर किरन को आर्ट्स में अधिक मन था पर वो ऐसा नहीं कर सकी |

क्योकि समाज में एक ऐसी धारणा है कि आर्ट कमजोर बच्चे ही लेते है | जो की हमेशा से गलत रहा है | यहा एक बार फिर समाज की जीत हुई | और किरन ने साइंस स्ट्रीम चुन ली |

मेहनत ले आई इंजीनियरिंग के द्वार पर –

किरन की मेहनत व इतने दिनों से अपने माँ-पिता के सपने को सजो कर , साइंस स्ट्रीम लेने के बाद उनकी मेहनत से उन्हें एक अच्छा इंजीनियरिंग कॉलेज मिल गया | जो की हमीरपुर का NIT में उनका दाखिला हुआ | और इस इंजीनियरिंग कॉलेज में उन्होंने अपना वो सारा बचपन जी लिया जो कभी उन्होंने बहुत छोटी सी उम्र में खो दिया था |

समाज की बेपरवाह करते हुए उन्होंने अपना खोया बचपन जी लिया और आगे बढ़ गयी | इंजीनियरिंग कॉलेज में किरन ने EEE ब्रांच Electrical & Electronic Engineering  सेलेक्ट की | जो उन्हें बहुत ही अधिक कठीन लगती जिस वजह से वो बस नार्मल स्टूडेंट की भूमिका में रही |

समाज का एक बार फिर दबाब-

EEE ब्रांच सेलेक्ट करने के बाद | वो एक नार्मल स्टूडेंट थी | और इस वजह से उन्हें प्लेसमेंट में बहुत कम कम्पनी में बेठने का मोका मिला | किरन के दिल और दिमाग पर एक बार फिर समाज का ध्यान आया |

क्योकि समाज की धारणा थी यदि आपका प्लेसमेंट नहीं हुआ तो आपकी इंजीनियरिंग करना बेकार | इस डर की वजह से फाइनल ईयर तक आते आते उनका प्लेसमेंट हो गया | और उन्हें 6 लाख का पैकेज ऑफर हुआ |

और आखिर में, समाज को पीछे छोडकर, वो किया जो दिल ने कहा-

कम्पनी ने 6 लाख का पैकेज ऑफर दिया | किरन ने कम्पनी को ज्वाइन भी कर लिया | जैसे जैसे वो टाइम देती गयी उन्हें ऐसास हुआ कि उन्हें पैसे तो मिल रहे है पर कही न कही वो ख़ुशी को फील नहीं कर पा रही है | इसी बीच उन्हें किसी फ्रेंड ने youtube के बारे में बताया |

उन्होंने वही अपनी जॉब quit कर के अपने passion में लग गयी | समाज की बेपरवाह किये वो अपने जुनून के पीछे चल दी | क्योकि किरन का फिल्ड टेक्निकल था इस वजह से उन्होंने बिना सोंचे एक टेक चेनल बनाया |

शुरुआत में उन्हें बहुत मुश्किल का सामना करना पढ़ा | पर आज वो टेक्निकल जानकारी अपने चेनल पर शेयर करती है | और आज उनका youtube का परिवार 2 लाख 99 हज़ार का परिवार है |

जो सिर्फ उनके जुनून की वजह से है | और इसमें आज उनका परिवार व वो खुद बेहद खुश है | और आज उन्होंने साबित कर दिखया समाज की नजरो में , वो बेचारी नहीं है | हम उनके और सफल होने की कामना करते है |

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हमने आज क्या सिखा-

हमने आज इस article के माध्यम से आप सभी को बताने का प्रायस किया है कि समाज हमे राय देता है समाज के अपने रूल्स है वो हमे हर मोड़ पर राय देगा की ऐसा-वेसा करना चाहिए | समाज के रूल्स को वही तक सीमत रहने दीजये | आप उनकी राय जरुर सुने | पर करे वोही जिसमे आपको ख़ुशी मिलती है |

अपने आप को समय दे | और समझने की कोशिश करे की आपमें क्या खूबी है | यकीन मानिये जिस दिन आपको यह पता लग जायेगा | उस दिन आपकी लाइफ के जीने का नजरिया बदल जायेगा |

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