गुस्सा आता है तो एक बार जरुर पढ़े-

यह article आज है गुस्से आने के ऊपर | एक बार जरुर पढ़े | आप सभी का एक बार फिर Everythingpro.in के My Thinking में स्वागत है | हम एक छोटी सी कहानी के माध्यम से बताने का प्रयास करते है |

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एक लड़का बहुत गरीब था | वो नोकरी पाना चाहता था | पर उसके पास आगे की पढाई लिखाई के लिए पैसे नहीं थे | पढने लिखने में उस लड़के को बहुत तकलीफ होती थी | क्योकि उसका मन नहीं लगता था | वो गरीबी की वजह से परेशान था |

एक दिन उसके एक मित्र ने उस से बोला कि तुम एक काम करो | शहर के सरकारी दफ्तर के जो सबसे बड़े अफ़सर है | उनसे पास जा कर कुछ मदद ले | कुछ सलाह लो | शयद कुछ काम वो दिलवा दे |

वो लड़का गरीबी से परेशान था और प्रयास कर कर के थक चुका था | उस लड़के ने सोंचा चलो एक बार बड़े साहब से मदद मांग लेते है | लड़का अगले दिन उस  सरकारी दफ्तर में उन बड़े साहब से डरा सहमा मिलने चला गया | कि शयद कुछ पैसे या कोई काम मिल जाये |

जब लड़का सरकारी दफ्तर में पहुचता है तो देखता है कि बड़े साहब नहीं होते है और वहा का चपरासी बोलता है कि साहब अभी नहीं आये है और चपरासी बैठने को बोलकर वहा से चला जाता है |

वो लड़का बहुत डरा हुआ था | इतने बड़े अफसर से उसने कभी भी बात नहीं की थी | इस वजह से वो बहुत डरा सहमा था | और वोवहा मोजूद साहब की कुर्सी पर ही बैठ गया उसे नहीं पता था कि यह साहब की कुर्सी है | और डरे सहमे की वजह से वो वही बैठ गया | लड़का घबराया हुआ था कि वो साहब से बात कैसे करेगा |

थोड़ी देर में साहब आते है और अपनी कुर्सी पर देख कर एक लड़के को देखकर आग बबूला हो जाते है | और कहते है तुम्हरी औकात क्या है उस कुर्सी पर बैठने की | बतमीज़ लड़के और न जाने क्या क्या बुरा भला कहा अनेक गालीयां दी | लड़का पहले से ही सहमा हुआ था वो कुछ भी नहीं बोल सका और वहा से बिना कुछ कहे चला आया | जब वो लड़का अपने घर की ओर आ रहा था उस लड़के के कानो में वोही बड़े साहब की गालीयां गूंज रही थी |

लड़के के दिमाग में बीज बो लिया था कि चाहे कुछ भी हो जाये में उस कुर्सी के लायक बन कर दिखाऊंगा | लड़के ने अपने आप से कहा की मुझे अभी कुछ भी नहीं पता की में केसे करू | बस मुझे इतना पता है कि में उस कुर्सी पर बैठने के लायक बनने जा रहा हूँ |

लड़के ने दिन रात एक की और कड़ी मेहनत के बाद कुछ सालो में वो एग्जाम में इतनी अच्छी रेंक ले कर आया | कि उसे मोका मिला कि वो अपनी मर्जी की जगह, चुनने का मोका मिला |

उस लड़के ने अपने शहर की वही जगह चुनी जहा उसकी उस साहब ने गालीयां और insult की थी |

जब वो लड़का उस सरकारी दफ्तर में जॉइन करने पहुचा | तो उन साहब का रिटायरमेंट आ गया था | जिनकी जगह पर इतनी कम उम्र का युवक आया हुआ था | साहब ने देख कर ही पहचान लिया | और उस लड़के की जो अब अफ़सर बन कर आ चुका था |

उसकी बहुत तारीफ की और एक सवाल उस लड़के से पूछा ? कि उस दिन मैंने तुम पर गुस्सा किया | बहुत बुरा भला बोला | तुम चाहते तो उस दिन मुझे पलट कर जबाब दे सकते थे | पर तुम ने ऐसा नहीं किया क्यों ?

उस लड़के ने मुस्कुरा कर जबाब दिया कि सर वेसे तो में उस दिन बहुत छोटा आदमी था | और फिर भी यदि हिम्मत कर के में उस दिन गुस्सा किया होता तो आज में आपकी इस कुर्सी के लायक कभी भी नहीं बनता | क्योकि जो मेरी ताक़त इस कुर्सी के लिये बनाये रखी | और यदि में उस ताक़त को उसी वक़्त आप पर गुस्सा कर के बर्बाद कर देता | तो आज में इस कुर्सी के लायक कभी भी नहीं बनता |

क्रोध को और उस ताक़त को मैंने सभाल कर रखा | मैंने उस क्रोध को अपनी ताक़त बनाया | कि में कैसे नहीं बन सकता उस कुर्सी के लायक | और उस दिन की गालियों को में आज तक नहीं भुला | और उन गलियों की वजह से मेरे अंदर क्रोध बना, और उस क्रोध की वजह से में कई राते बिना खाये पिये रह सका और अपनी मंजिल की ओर बढ़ता रहा |

आज वो इस कुर्सी के लायक बन सका | उस पुराने अफ़सर ने नये युवा अफ़सर को बहुत तारीफ की और उस दिन के लिये माफ़ी भी मांगी |

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हमने इस article से क्या सीखा-

यह काहनी थी तो बहुत छोटी पर इसके पीछे बहुत बड़ी सीख है | हमने आपको बताने का प्रयास किया है कि हम यह नहीं कहते की गुस्सा को आप control करो या गुस्सा न करो | आप उस गुस्से की ताक़त को पहचानो |

जब हम गुस्से में होते है तो हमारी एनर्जी को फालतू में बर्बाद कर देते है | क्योकि अधिकतर ऐसा होता है हम जब गुस्से में होते है तब बात इतनी बड़ी नहीं होती जितना हम उसे गुस्से में दिखाते है | मेरे कहने का बस येही मकसद है कि उस एनर्जी को बर्बाद न करे | और उस गुस्से को लेकर अपने लक्ष्य की और बढे और उस जगह उस एनर्जी का use करे |

क्योकि जब दो आदमी गुस्सा करते है तो अक्सर उनकी आवाजे तेज हो जाती है | वो पास में ही खड़े होते है पर इतना जोर से बोलते है मानो कोई बहुत दूर खड़ा हो | पर असलियत यह है की आवाजे इस लिए तेज हो जाती है पास में खड़े होने के वाबजूद भी क्योकि उन दोनो आदमी के दिल बहुत दूर हो जाते है |

अपने गुस्से की एनर्जी को सही दिशा में उपयोग करे | उस वक्त उसे बर्बाद करना किसी के हित में नहीं होता है | वल्कि अपना ही नुकसान होता है |

वो सामने वाला कोन होता है जिसके उपर आप अपनी उस  एनर्जी को बर्बाद कर रहे है जिससे आपकी जिंदगी बदल सकती है |  जब आप अपने गुस्से को सही रूप में उपयोग करने लगेंगे | हमे पूरा विश्वास है आप अपनी जिंदगी में बहुत आगे बढ़ चुके होंगे | बहुत गहरी सीख है उम्मीद है आप समझे होंगे |

यदि यह article सच में आपको कुछ अच्छा कुछ नई सीख मिली हो | तो अपने मित्र व परिवार व उस इंसान तक जरुर शेयर करे | जिसको बहुत गुस्सा आता हो | ऐसे ही interested व लाभकारी article पढने के लिये हमारे पोर्टल से जुड़े रहे | अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरुर दे | आपका दिन शुभ हो | इस article को पढने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद |

सफलता का मन्त्र :

  • अपने लक्ष्य की सम्पूर्ण जानकारी का होना |
  • हमेशा अपने लक्ष्य को पाने के लिये कड़ी मेहनत करते रहे |
  • सबसे जरुरी बात , खुद अपनी क़ाबलियत पर विश्वास रखे |
  • कभी भी निराश न हो |
  • अगर आप गलतियाँ कर रहे है , तो निराश बिल्कुल न हो , वल्कि ख़ुशी मनाये की आप कुछ नया जरुर सीख रहे है |
  • जो व्यक्ति कहता है , उसने अपने जीवन में कुछ गलतियाँ नहीं की , यकीन माने उसने अपने जीवन में कुछ नया नहीं सीखा |

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आपके उज्जवल भविष्य के लिये हमारी टीम Everythingpro.in की तरफ से बहुत बहुत शुभकामनाएँ….

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