परीक्षा न देने पर भी हुए सफल-

हम सभी ने छोटे से लेकर बड़े होने तक सुना है कि मेहनत करते जाओ फल जरुर मिलेगा | और यह मेहनत एक न एक दिन जरुर रंग लाती है | दोस्तों आज हम जिस शक्स की सफलता की कहानी आपको बता रहे है | आप इन शक्स के काम से व इनसे जरुर मोटिवेट होंगे |

यदि आप एक स्टूडेंट है और यदि आप सभी को देश विदेश कि जानकारी रखना पसंद है तो आप इन शक्स के बारे में जरुर जानते होंगे | हम बात कर रहे है बिहार के khan sir के बारे में | जो दिन पर दिन सफलता के एक नये पेरदान पर है |

khan sir बिहार के पटना में अपने Khan GS Research Center के डायरेक्टर व टीचर है | जो की अपने पढ़ाने के स्टाइल से काफी लोकप्रिय है | हम आपको बता दे खान सर अपने पढ़ाने के अंदाज में बिहारी भाषा का use करते है जो कि उनके पढ़ाने के स्टाइल को दिन पर दिन लोकप्रिय बना रहा है |

khan sir पढ़ाते वक़्त किसी भी टॉपिक को बहुत ही सरल व सुलभ भाषा बताते है और मजाकी अंदाज यह देश के सभी स्टूडेंट को बहुत पसंद आता है |

khan sir कि पढ़ाने का स्टाइल इतना famous है कि आप यही से अंदाजा लगा लेंगे कि khan sir ने पिछले साल ही अपना youtube चेंनल बनाया था जो आज की डेट के अनुसार 3.03M Subscribers है जो की बहुत बड़ी बात है | खान सर अपनी बिहारी भाषा जो की बहुत प्यारी भाषा है जिसमें वो हर कठिन से कठिन टॉपिक को बहुत ही सरलता से समझा देते है |

khan sir को लोगो के द्वारा बहुत प्यार मिला है | खान सर को इतना लोगो ने प्यार दिया है कि लोग इन्हें दूसरा अब्दुल कलाम कहकर भी पुकारते है | दोस्तों मेरा इस लेख को लिखने का एक ही मकसद है कि ऐसे होनार टीचर के बारे में देश में लोगो को जानना चाहिये | और इनका अनमोल ज्ञान लेना चाहिये |

जिससे पढाई करने वाले बच्चो का भविष्य बेहतर हो | मेरे मानना है कि हम जितना किसी महान व्यक्ति के बारे में जानेंगे उतना ही हमे उनसे अधिक लघाव होगा |

चलिए दोस्तों इन महान सर के बारे में थोडा बताने का प्रयास करते है |

Khan sir Biography-

Khan sir का जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हुआ था | खान सर के पिता जी आर्मी में कार्यरत थे | जो अब रिटाएर हो गये है | इनकी माँ हाउस वाइफ है व खान सर के बड़े भाई कमांडो है | खान सर का शुरू से मन था कि वो भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करे | खान सर ने भारतीय सेना में जाने के लिये NDA की परीक्षा भी दी थी जिसमे खान सर पास भी हो गये थे परन्तु शाररिक परीक्षा में वो पास नहीं हो पाये जिस कारण वो भारतीय सेना में नहीं जा पाये |

जब खान सर NDA में पास नहीं हुए तो वो बहुत निराश व उदास रहे परन्तु उनके पिता जी व भाई ने उनका साथ दिया व बोला कि यदि तुम्हरा NDA में सिलेक्शन न हुआ तो क्या हुआ | जनता की सेवा करना भी देश सेवा ही है | लोगो की मदद करो व सेवा करो | तब से लेकर आज तक उनका जनसेवा करना ही लक्ष्य है |

खान सर ने इसी जनसेवा के रूप में एक अनाथालय भी खोला है जिसमे वो अनाथ बच्चो की सेवा कर रहे है | खान सर ने आवारा गाय के लिए गोशाला भी खोल रखी है जिसमे वो उनका पूरी तरह से ख्याल रखते है | इसी वजह से में अपने लेख में खान सर को बार बार महान सर कह रहा हूँ |

मेरा मानना है जब कोई माध्यम वर्ग का व्यक्ति ऐसे काम करता है तो वो महान हो ही जाता है | मेरी नजर में खान सर महान है और उम्मीद है आप सब की नजरो व दिल में उन्होंने अपनी जगह बना ली होगी |

खान सर की पढाई-

यदि हम बात करे खान सर कि पढाई के बारे में तो खान सर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गोरखपुर से ही की थी | खान सर का शुरू से ही पढाई में बहुत रूचि रखते थे वो जितना भी पढ़ते उतना ठोस पढ़ते | जब खान सर 9th क्लास में थे तब उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का एंट्रेंसे एग्जाम की तैयारी करने लगे | और जब वो 10th में थे तब वो गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज की तैयारी करने लगे | और जब वो 12th में थे तो वो AIEEE की तैयारी करने लगे |

हम आपको बता दे जिस दिन खान सर का AIEEE का Exam था उस दिन वो सुबह उठ न सके और वो exam देने नही जा सके | क्योकि वो रात भर exam की तैयारी करते रहे | और सुबह नहीं जाग सके | पर कहते हेना जो भी होता है वो अच्छे के लिए होता है |

यदि सोच लेते है कि उस दिन खान सर यदि उठ जाते तो वो exam पास करके एक बड़ी कम्पनी में कार्यरत होते और आज देश के कई बच्चो को ऐसे महान सर का पढ़ा हुआ न मिलता | इसलिए जो होता है वो अच्छे के लिए होता है |  

खान सर ने अपनी ग्रेजुएशन जो की B.Sc (physics व chemistry) अलाहबाद यूनिवर्सिटी से किया | खान सर ग्रेजुएशन करते वक़्त कई बार जेल के भी दर्शन कर चुके है | जब खान सर कॉलेज में थे तब वो स्टूडेंट यूनियन के सदस्य भी थे और स्टूडेंट के हित के लिए वो जेल में भी गए है | ग्रेजुएशन कम्प्लीट होने के बाद खान सर ने पीएचडी भी करी |

अपने बचपन से बने खान सर –

खान सर जब छोटे थे तो वो अक्सर अपने ननिहाल यानि बिहार में आया करते | उनका बहुत समय बिहार में गुजरा है जिसमे उन्होंने अधिकतर लोगो को मजदूरी करते हुए देखा व शिक्षा को अच्छे रूप में देने का फैसला किया | जिस वजह से खान सर ने बिहार के बच्चो के लिए पटना में अपना कोचिंग सेंटर खोला |

जिससे बच्चे सरलता से पढ़ सके व अपनी मंजिल को पा सके | खान सर कम फीस पर अनेक बच्चो को पढाना शुरू कर दिया | और बिहार की शिक्षा को आगे बढ़ाने का प्रयास करते रहे |

पढ़ाने की एक अद्भुत कला-

शुरू में खान सर की कोचिंग में एक से दो कमरे ही थे | पर जब उनका पढ़ाने का स्टाइल इतना लोकप्रिय था तो बच्चो की संख्या में बढ़त होने ही थी | खान सर की कोचिंग में जब बच्चो की संख्या में बढ़त हुई तो उन्होंने अपने कोचिंग सेंटर को एक बड़े से कोल्डस्टोर में कर लिया | खान सर एक बार में 2000 बच्चो को पढ़ाते |

जिन बच्चो को जगह नहीं मिलती वो कई घंटो तक खड़े रहते और जब खान सर ने देखा की उनके स्टूडेंट को इतनी समस्या हो रही है तब उन्होंने डिजिटल तरह से पढाना शुरू कर दिया जिससे न सिर्फ बिहार पटना का ही नहीं वल्कि देश के अन्य राज्य के बच्चे भी खान सर के अद्भुत पढ़ाने की कला के फेन हो गये | खान सर की जितनी भी कमाई youtube से होती है वो अधिकतर पैसा अनाथालय, गोशाला व समाज सेवा में देते है |

हमने आज क्या सिखा-

हम आप सभी से उम्मीद करते है की यह article आपको बहुत पसंद आया होगा | और एक महान इन्सान से आप सभी का परचिय कराने का प्रयास किया | यदि आप स्टूडेंट है तो हम आपसे एक बार जरुर कहेंगे कि एक बार खान सर को पढ़ाते हुए देखिये | आप फेन हो जायंगे |

मेरा मानना है कि ऐसे महान सर की हमारे देश के बच्चे को जरुरत है | खान सर की यह और खास बात है की वो अपने कोचिंग सेंटर में हर festival बड़े धूम धाम से मनाते | चाहे वो किसी भी धर्म का हो उनका मानना है की हम पहले हिन्दुस्तानी थे विभाजन के बाद हमे हिन्दू मुश्लिम बना दिया | में खुद खान सर का बहुत बड़ा फेन हु | और उन्हें और सफल बनाने की दिल से कामना करता हूँ | आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद |

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