Tata Motors ने की यूरोपियन दिग्गज कंपनी IVECO को खरीदने की तैयारी
Tata Motors ने 30 जुलाई को एक बड़ा ऐलान किया है, जो भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। कंपनी की कार्यकारी समिति ने इटली की मशहूर कमर्शियल व्हीकल कंपनी IVECO Group NV को पूरी तरह से अधिग्रहित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
यह डील करीब 3.8 अरब यूरो (लगभग ₹34,600 करोड़) की है और यह एक फुल कैश ट्रांजैक्शन होगा। हालांकि, यह सौदा अभी नियामकीय मंजूरी और शेयरहोल्डर्स की सहमति पर निर्भर है।
डील में नहीं शामिल होगा IVECO का डिफेंस बिजनेस
इस अधिग्रहण में खास बात यह है कि IVECO Group का डिफेंस डिवीजन इस डील का हिस्सा नहीं होगा। कंपनी पहले ही अपने डिफेंस कारोबार को अलग से बेचने की योजना पर काम कर रही है।
शेयरहोल्डर्स को मिलेगा भारी मुनाफा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, IVECO के शेयरहोल्डर्स को इस डील के तहत प्रति शेयर 14.1 यूरो मिलेंगे। इसके अलावा, डिफेंस कारोबार की बिक्री से मिलने वाला 5.5–6.0 यूरो प्रति शेयर का लाभांश भी मिलेगा। यानी कुल मिलाकर शेयरहोल्डर्स को 19.6–20.1 यूरो प्रति शेयर का लाभ होगा, जो पिछले 3 महीने के औसत शेयर मूल्य से 34-41% ज्यादा है।
यह ऑफर Tata Motors की सब्सिडियरी TML CV Holdings या एक नई डच कंपनी द्वारा दिया जाएगा। डील को सफल बनाने के लिए कम से कम 80% शेयरहोल्डर्स की सहमति जरूरी है।
कौन है IVECO Group? एक नजर में जानें
- स्थापना: जून 2021
- मुख्यालय: ट्यूरिन, इटली
- बिजनेस: ट्रक, बस, पावरट्रेन और फाइनेंशियल सर्विसेज
- FY24 का रेवेन्यू: 15.3 अरब (डिफेंस समेत)
- ग्लोबल उपस्थिति: यूरोप, भारत, अमेरिका समेत 30+ देश
IVECO का नॉन-डिफेंस बिजनेस दुनिया भर में फैला हुआ है और यह टाटा मोटर्स को टेक्नोलॉजी, बाजार और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में बड़ा बूस्ट देगा।
टाटा मोटर्स को क्या मिलेगा इस मेगा डील से?
इस अधिग्रहण से टाटा मोटर्स को वैश्विक वाणिज्यिक वाहन बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत करने का मौका मिलेगा।
डील के बाद:
- सालाना बिक्री: 5.4 लाख यूनिट
- कुल रेवेन्यू: €22 अरब
- मार्केट डिस्ट्रीब्यूशन: यूरोप (50%), भारत (35%), अमेरिका व अन्य (15%)
यह सौदा टाटा मोटर्स को नई टेक्नोलॉजी, नए बाजार और विविध उत्पाद रेंज तक पहुंच देगा।
किसने किया इस डील को सपोर्ट?
IVECO के सबसे बड़े शेयरहोल्डर Exor N.V. (27.06%) ने इस डील का खुलकर समर्थन किया है। साथ ही, IVECO बोर्ड ने भी सर्वसम्मति से टाटा के प्रस्ताव को स्वीकार करने की सिफारिश की है।
कब तक पूरी होगी डील?
यह डील सभी जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियों के बाद अप्रैल 2026 तक पूरी हो सकती है। इसके लिए यूरोपीय यूनियन समेत अन्य देशों की मर्जर क्लीयरेंस की जरूरत होगी।
टाटा मोटर्स चेयरमैन का बड़ा बयान
टाटा मोटर्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इस डील पर कहा:
“यह हमारे वाणिज्यिक वाहन बिजनेस को अलग करने के बाद उठाया गया रणनीतिक कदम है। भारत और यूरोप में मजबूत पकड़ के साथ यह यूनिट ग्लोबली कॉम्पिटिशन करेगी। हमारी पूरक क्षमताएं और व्यापक नेटवर्क निवेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।”
निष्कर्ष: टाटा मोटर्स की यह डील क्यों है खास?
- टाटा को मिलेगा ग्लोबल मार्केट में और बड़ा प्लेटफॉर्म
- डील से टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में बढ़ेगी पकड़
- निवेशकों के लिए मुनाफे का मौका
- भारत की ऑटो इंडस्ट्री को मिलेगा इंटरनेशनल बूस्ट